बुद्धिमान व्यक्ति ये 7 बातें कभी भी किसी को नहीं बताते है | These 7 things of an intelligent person should never be told to anyone

बुद्धिमान व्यक्ति ये 7 बातें कभी भी किसी को नहीं बताते है 

 

कभीकभी हम जाने अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर जाते हैं जिनका पछतावा हमें फिर बाद में होता रहता है जब हम गलतियां करते हैं तब हम इस बात का बिल्कुल भी पता नहीं रखते हैं इस गलती से हमारे जीवन में आगे चलकर कोई प्रभाव भी पड़ सकता है कभीकभी हमारी ज्यादा अच्छाई भी हमारे दुख का कारण बन जाती है हमें पता ही नहीं चलता है कि हम स्वयं ही अपने लिए खाई खोद रहे है| These 7 things of an intelligent person should never be told to anyone

 

 

बुद्धिमान व्यक्ति ये 7 बातें कभी भी किसी को नहीं बताते है

 

बुद्धिमान व्यक्ति ये 7 बातें कभी भी किसी को नहीं बताते है | These 7 things of an intelligent person should never be told to anyone

एक समय की बात है एक नगर में एक युवक रहता था युवक का परिवार बहुत गरीब था उसके परिवार में आए दिन किसी किसी बात को लेकर झगड़े चलते रहते थे वह युवक इन झगड़ों से बहुत परेशान था जब वह युवक ने पारिवारिक झगड़े को रोकने की बहुत कोशिश की पर वह झगड़े रुकने की जगह बढ़ते ही जा रहे थे तो युवक काम की तलाश में लोगों के पास जाता तो लोग पूछते हैं कि भाई तुम कितना वेतन लोगे तो उनसे कहना कि आप मुझे बस काम दे दीजिए मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है आर्थिक स्थिति बहुत खराब है मुझे काम की बहुत आवश्यकता है 

 

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आप बस मुझे काम पर रख लीजिए और आप जितना दोगे मैं उतना ही ले लूंगा तो लोग उसकी मजबूरी का फायदा उठा कर उसे कम कीमत पर काम पर रख लेते क्योंकि उसने लोगों को खुद ही मौका दे दिया लोगों को पता था कि उसे काम की बहुत जरूरत है वह कम पैसों में भी काम कर लेगा और जब वह युवक अपने मित्रों के पास अपने सगे संबंधियों के पास बैठता तब भी वह अपनी गरीबी की बातें करता वह अपने मित्र और सगे संबंधियों से कहता कि मैं क्या करूं मेरा परिवार बहुत गरीब है हमें दो वक्त की दाल रोटी भी ठीक से नसीब नहीं होती और आए दिन परिवार में लड़ाई झगड़े होते रहते हैं मुझे तो कुछ भी समझ में नहीं आता कि मैं करूं क्या उसके मित्र और सगे संबंधी भी उस समय उसकी बात सुन लेते और उसके बाद में वह सभी उसका मजाक बनाते हैं और कहते यह गरीब तो गरीब का गरीब ही रहेगा इसका कुछ भी नहीं हो सकता और इनके परिवार में भी प्यार नहीं है जब देखो एक दूसरे से लड़ते झगड़ते रहते हैं

 

 

और यह हमारे पास बिना बात का रोना रोता रहता है और खुद कुछ करता नहीं है जबकि वह युवक तो उनको अपना समझ कर अपनी समस्या बता रहा था ताकि लोग उसकी कोई मदद कर सके लेकिन किसी ने उसकी मदद तो की नहीं अब युवक जहां भी जाता सभी लोग उसका तिस्कार करते उसे गरीब कहकर पुकारते कोई भी व्यक्ति उसे काम की पूरी कीमत नहीं देता वह युवक दिनभर काम करता पर उसे कुछ ही पैसे मिलते थे कोई भी उसकी मेहनत का पूरी कमाई नहीं देता था अगर वह उनको कुछ कहता तो वो लोग उसे कह देते एक काम करना है

 

 

तो कर नहीं तो जा यहां से अब उस युवक को तो काम की जरुरत थी इसलिए वो काम तो करता ही था धीरेधीरे समय के साथ उस युवक की हालत बहुत खराब हो गई थी सभी लोग उस युवक का इस्तेमाल करने लग गए क्युकी सबको पता चल चुका था कि वह युवक बहुत गरीब है उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता और उसे पैसों की जरूरत है काम तो करेगा सभी नगर वासियों उस का अपमान करते उसे गरीब गरीब कहकर पुकारते इन सब बातों से वह युवक बहुत परेशान हो गया उसे समझ ही नहीं रहा था कि आखिर उसके साथ यह सब क्या हो रहा है तभी उसने लोगों से बातें करते हुए सुना कि नगर में एक बौद्ध भिक्षु आए हैं उन बौद्ध भिक्षु के पास सभी समस्याओं का हल है वह बौद्ध भिछु बहुत ज्ञानी व्यक्ति है यह सुनकर वह युवक भी उन बौद्ध भिक्षु के पास जा पंहुचा वह युवक बौद्ध भिक्षु के पास जाकर उन्हें रोता हुआ बोला कि महाराज सभी लोग मेरे साथ ऐसा क्यों करते हैं

 

 

तभी उस युवक की बात सुनकर बौद्ध भिछु ने पूछा कि क्या हुआ बालक तभी वह युवक जोर जोर से रोने लगता है और रोतेरोते अपनी सारी बात बौद्ध भिक्षु को बताता है और उनसे कहता है कि महाराज सभी लोग मुझे गरीब गरीब कहकर पुकारते हैं मेरा मजाक बनाते हैं और कोई भी मनुष्य मुझे अपनी मेहनत की पूरी कमाई नहीं देता है मैं उनके खेतों में पूरे दिन काम करता हूं और वह मुझे बहुत कम पैसे देते हैं मेरे दोस्त और मेरे मित्र भी सारे मेरा मजाक बनाते हैं वह बौद्ध भिछु उस युवक की सारि बातें बड़े ध्यान से सुनते हैं

 

 

और उससे पूछते हैं कि सभी नगर वासियों को इस बात का कैसे पता चला कि तुम बहुत गरीब हो और लोग तुम्हें पूरे दिन काम करने के बाद भी इतना कम वेतन क्यों देते हैं बौद्ध भिक्षु की बात सुनकर युवक बोला कि दरअसल महाराज मैंने ही नगर वासियों से हमदर्दी पाने के लिए उनसे कहा था कि मैं बहुत गरीब हूं मुझे आप काम पर रख लीजिए जो आप दोगे मैं ले लूंगा यह सुनकर वह बौद्ध भिछु बोले इसमें लोगों की क्या गलती है

 

 

अगर नगर वासी तुम्हारा मजाक बनाते हैं तुम्हें कम वेतन देते हैं तो इसमें तुम्हारी गलती है तुम ही ने उन लोगों को बढ़ावा दिया है तुम्हें कुछ बातें सिर्फ अपने तक ही सीमित रखनी चाहिए थी लेकिन तुमने तो वह बातें सबको बता दी बौद्ध भिछु की बात सुनकर वह युवक उनके पैरों में गिर गया और उनसे बोलने लगा कि महाराज मैं अब क्या करूं आप मेरी इस परेशानी को दूर करो युवक की बात सुनकर बौद्ध भिछु बोले देखो अब जो हो गया उसे
तो वापस नहीं लाया जा सकता है 

 

 

लेकिन आज मैं तुम्हें ऐसी सात बातें बताऊंगा जो तुम्हें कभी भी किसी को नहीं बतानी है सिर्फ अपने तक ही सीमित रखनी है चाहे फिर वह तुम्हारा मित्र ही क्यों ना हो या फिर कोई सगा संबंधी ही क्यों ना हो तुम्हें यह बातें किसी को नहीं बतानी है बौद्ध भिछु की बात सुनकर वह युवक बड़ी परसंसा से बोला की बताईये महाराज वह कौन सी बातें है जिन्हे हमें किसी को नहीं बताना
चाहिए फिर बौद्ध
भिछु ने युवक से कहा की जो तुम्हे पहली बात किसी को नहीं बतानी चाहिए|

 

 

 

  • 1 अपने जीवन का लक्ष्य

 

तुम्हारे
जीवन का सपना हम क्या करते है हम अपने सपने को सभी को बता देते है कि
मैं यह करूंगा मैं बड़ा होकर यह बनना चाहता हूं हमें ऐसा लगता है कि लोग सुनकर बहुत प्रसन्न होंगे कि मैं कितना बड़ा आदमी बनना चाहता हूं लोग मेरी प्रसंशा करेंगे लेकिन ऐसा होता नहीं है जब हम अपने सपने को लोगों को बता देते हैं तो हमारे मन में संतुष्टि का भाव जाता है हम मन ही मन बहुत खुश होते हैं जिससे हम अपने सपने के प्रति वो जुनून नहीं रख पाते हैं जो हमारे पहले था जब हम अपने सपने लोगों को बता देते हैं तो उनकी उम्मीदें हमसे बढ़ जाती है वह हमारे ऊपर और भी ज्यादा ध्यान देने लगते हैं जिससे कभीकभी हम तनाव में भी जाते हैं और फिर यही तनाव हमारे जीवन में असंतुलन पैदा करता है

 

 

और फिर हम अपने सपने से अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं जब हम अपने सपने किसी को बताते हैं तो आपको कुछ लोग तो प्रेणा देंगे जिससे आपको आगे बढ़ने में हिम्मत मिलेगी लेकिन बहुत से लोग ऐसे हैं जो आपको प्रेणा हिन् करेंगे आपको डिमोटिवेट करेंगे जिससे आप आपके लक्ष्य से भटक सकते हो इसीलिए जो भी आपका सपना है उसे पूरा करो उसके बाद ही लोगों को बताओ अगर पहले बता दोगे तो लोग रुकावटें पैदा कर देंगे और सपने को अगर चुपचाप तुमने पूरा किया तो लोगों को स्वतः ही पता चल जाएगा कि तुमने कौन सा सपना हासिल किया है इसीलिए कभी भी किसी को अपना सपना मत बताओ अपना लक्ष्य मत बताओ फिर बौद्ध भिछु ने युवक से कहा कि दूसरी बात जो तुमने किसी को नहीं बतानी है

 

 

 

  • 2 हमारी समस्याएं हमारी परेशानियां

 

हम क्या करते हैं जैसे हमें कोई समस्या होती है कोई परेशानी आती है तो हम तुरंत लोगों के पास उसके समाधान के लिए पहुंच जाते हैं उन्हें अपना दुखड़ा सुनाने लगते हैं लेकिन दूसरे लोगों को अपनी परेशानी बताने का मतलब है स्वयं के लिए एक और परेशानी खड़ी करना क्योंकि जब हम किसी से अपनी परेशानी बताते हैं तब तो हमें बहुत अच्छा महसूस होता है हमें ऐसे लगता है कि मानो हमारा थोड़ा सा दुख तो चला गया लेकिन सभी लोग हमारी परेशानियां कम नहीं करते बल्कि उन्हें और बढ़ा देते हैं और हमारे सामने कई नहीं परेशानियां खड़ी कर देते हैं

 

 

हम जितने लोगों के साथ अपनी समस्याएं बताते हैं उनमें से 70% लोग तो ऐसे होते हैं जिनको हमारी परेशानियों से कोई फर्क नहीं पड़ता बल्कि वह तो हमारा मजाक बनाते हैं और 20% लोगों को यह जानकर खुशी होती है और 10% ऐसे लोग ही होते है कि जिनको थोड़ा बहुत फर्क पड़ सकता है कि हम कितने परेशान हैं लेकिन फर्क पड़ने का मतलब यह नहीं है कि वह तुम्हारा साथ दे ही देंगे जब लोग हमारी परेशानियां हमारी समस्याओं का मजाक बनाते हैं तो हमें बहुत बड़ा दुख होता है इसीलिए हमें कभी भी अपनी परेशानियां किसी को नहीं बतानी चाहिए स्वयं ही उनका हल खोजना चाहिए क्योंकि हमें हम से बेहतर कोई नहीं जानता और हम खुद ही बिना किसी की मदद से हर परेशानी से बाहर निकल सकते हैं

 फिर बौद्ध भिछु युवक को तीसरी बात बताते हुए कहते हैं कि

 

 

 

  • 3
    हमें
    कभी भी अपने परिवार की समस्याएं किसी को नहीं बतानी चाहिए

 

हम
सभी के घर परिवार में कोई
ना कोई समस्या जरूर होती है जहां सब लोग एक साथ रहते हैं तो कहासुनी भी हो जाती है हमारी परिवार के साथ हमारे संबंध अच्छे हो या बुरे हो हमें किसी को भी नहीं बताना चाहिए जब हम दूसरों को इसके बारे में बताते हैं तो लोग मजे लेकर तुम्हारी बातें सुनते हैं उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम किस परेशानी में हो बल्कि वह लोग तो उन कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे तुम्हे तुम्हारे परिवार की समस्याओं को आपस में ही अपने परिवार वालों से बात करके सुलझा लेनी चाहिए तो तुम्हे दूसरे लोगों को बताने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी और जब हम अपने और अपने परिवार के समस्याएं लोगों को बताते हैं तो लोग हमें कमजोर समझने लगते हैं

 

 

हमारे बारे में सोचने लगते हैं कि यह तो कुछ नहीं कर पाएगा यह अपने परिवार को नहीं संभाल सकता इतनी छोटी छोटी बातों पर ही परेशान हो रहा है तो यह आगे चलकर जीवन में बड़ीबड़ी समस्याओं का सामना कैसे करेगा हम तो लोगों को अपने परिवार की समस्याएं यह सोच कर बताते हैं ताकि वह हमारी मदद कर सके लेकिन यह दुनिया बहुत मतलबी है इस दुनिया में कोई आपका खास नहीं है लोग हमारी बातें मजे ले लेकर सुनते हैं

 

 

और हमारे सामने तो झूठी हमदर्दी दिखाते हैं और फिर हमारी पीठ पीछे जो बातें हम उन्हें बताते हैं उन्हें अच्छे से नमक मिर्च लगाकर चारों तरफ फैला देते हैं जिससे उन लोगों का तो कुछ नहीं बिगड़ता पर तुम्हारे परिवार की इज्जत मिट्टी में मिल जाती है लोग तुम्हारे परिवार के बारे में तरहतरह की बातें बनाने लगते हैं एक बात की सो बात करने लगते हैं जो बात हुई नहीं उस बात को भी नमक मिर्च लगाकर बता दे हैं इस दुनिया में घाव पर मरहम लगाने वाले तो कम है और नमक छिड़कने वाले बहुत ज्यादा है इसलिए कभी भी किसी को अपने परिवार की स्थितियों के बारे में नहीं बताना चाहिए

 

 

  • 4
    अपनी
    संपत्ति किसी को मत बताना

 

फिर बौद्ध भिक्षु ने उस युवक को चौथी बात बताते हुए कहा कि तुम लोगों के सामने इस बात को कभी मत बताना कि तुम किन चीजों के मालिक हो या फिर तुम्हारे पास क्याक्या है

 

 तुम तो लोगों को ऐसे ही अपने बारे में बताते हो कि तुम्हारे पास इतने बंगले हैं इतनी गाड़ी है इतना धन है ताकि लोगों को पता चल सके लेकिन तुम यह सोच कर उन्हें नहीं बता रहे हो कि तुम उन्हें नीचे दिखाने की कोशिश कर रहे हो लेकिन लोग तुम्हारी बातों का गलत मतलब निकाल सकते हैं वह सोच सकते हैं कि तुम उन्हें नीचा दिखाने के लिए यह सब बातें कर रहे हो

 

 

और फिर वह तुमसे नफरत करने लगेंगे उस समय तो वह कुछ नहीं बोलेंगे लेकिन अंदर ही अंदर वह तुमसे नफरत करने लग जाएंगे और तुमसे दूर होने लग जाएंगे तुम्हें गिराने की कोशिश करेंगे और हो सकता है कि तुम्हारी बातें सुनकर तुम्हारे पास इतना धन है यह जानकर कुछ लोग तुम्हारे से झूठे रिश्ते बना ले तुमसे अपना मतलब भी निकलवा सकते हैं इस दुनिया में ऐसे बहुत से मतलबी लोग हैं जो लोगों से बस धन पाने की चाहत में रिश्ता जोड़ते हैं इसीलिए तुम्हें अपना धन किसी को नहीं बताना चाहिए समय के खेल का किसी को पता नहीं आज अच्छा है तो 

 

 

जरूरी नहीं कल भी अच्छा हो मान लो आज तुम्हारे पास खूब धन दौलत है लेकिन अगर कभी आपके पास नहीं रहे और आप लोगों से मदद मांगोगे तो लोग आपकी मदद नहीं करेंगे बल्कि आपको ताने मरेंगे आपसे कहेंगे कि तुम्हारे पास तो इतना धन था कहां गया वह धन तुम सच बोलते थे या फिर झूठ मुठ का गुणगान करते रहते थे और हमें अपनी धन दौलत की बात लोगों के सामने इसलिए भी नहीं बतानी चाहिए और हमें अपनी धन दौलत की बात लोगों के सामने इसलिए भी नहीं बतानी चाहिए क्योंकि इस दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं जिनके पास पीने के लिए स्वच्छ पानी भी नहीं है वह गंदा पानी पीते हैं उनके पास खाने के लिए दो वक्त की रोटी भी नहीं है जब की तुम्हारे पास सब कुछ है इसीलिए कभी भी खुद से गरीब लोगों के सामने कभी भी अपने धन का दिखावा ना करें हो सके तो उनकी मदद कर दे|

 

 

  • 5
    कभी
    भी अपनी सफलता का रहस्य किसी को मत
    बताना

 

 फिर बौद्ध भिक्षु ने उस युवक को पांचवी बात बताते हुए कहा कि कभी भी अपनी सफलता का रहस्य किसी को मत बताना हमने सफलता हासिल कैसे की है यह बताना कोई गलत नहीं है अगर कोई मनुष्य उससे सीख कर आगे बढ़ता है तो यह बहुत अच्छी बात है लेकिन अधिकतर लोग क्या करते हैं हमारे बताए गए रास्ते पर हूबहू चलना शुरू कर देते हैं और अगर वह हमारे बताए गए रास्ते पर चलकर असफल हो जाते हैं तो फिर वह हमें ही दोष देने लगते हैं 

 

जबकि हमने तो उनके लिए अच्छा ही किया था मगर वह हमें ही दोषी मानने लगते हैं और कहते हैं की काश में इसकी बातों में नहीं आया होता इसने तो मुझे गलत रास्ता बता दिया जबकि सब के लिए सफलता का एक ही तरीका काम नहीं करता जिस तरीके से तुम सफल हुए हो जरूरी नहीं कि वैसे ही उन्हें भी सफलता मिल जाए इसीलिए कभी भी किसी को अपनी सफलता का रहस्य मत बताओ अगर वह मनुष्य सच में ही तुमसे सफलता का मार्ग जाने की कोशिश करें और उस कार्य उसे बहुत लगन हो और वह बहुत दृढ संकल्पी हो की नहीं मुझे तो यह कार्य करना ही  है तो तुम उसे जरूर बता सकते हो|

 

लेकिन
तुम आगे से कभी भी
किसी को कुछ मत बताओ नहीं तो अगर वह लोग असफल रहे तो वह तुम्हें ही दोषी मानने लगेंगे उन लोगों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि तुम उनके लिए अच्छा कर रहे हो वह असफल होने पर तुमसे घिर्णा करने लगेंगे तुम्हें भला बुरा बोलने लगेंगे इसीलिए कभी किसी को कुछ मत बताओ

 

 

 

  • 6
    अपने
    द्वारा की गई मदद का ढिढोरा मत पीटो

 

फिर बौद्ध भिक्षु ने उस युवक को छुट्टी बात बताते हुए कहा अगर तुम किसी की मदद करते हो तो मदद को लोगों के सामने मत लाओ क्युकी इस दुनिया में बहुत से लोग गरीब हैं जिनको  हमारी दया दान की आवश्यकता है लेकिन अगर तुम उन गरीब लोगों की इसलिए मदद करते हो ताकि लोग आपकी तारीफ करें लोग आपको अच्छी नजरों से देखें समाज में आपका नाम हो तो ऐसा दिखावा कभी मत करो जब कि तुम्हें लोगों की मदद इसलिए नहीं करनी चाहिए

 

 

कि दूसरे लोग आपकी तारीफ करें बल्कि आपको लोगों की मदद सच्चे हृदय से बिना किसी को बताए करनी चाहिए क्योंकि यही मदद आपको अंदर से शांति प्रदान करवाती है जब तुम किसी जरूरतमंद की सहायता करते हो तो तुम्हें अंदर ही अंदर एक अलग ही आनंद की अनुभूति का एहसास होता है लेकिन अगर तुम किसी जरूरतमंद की सहायता बस दिखावे के लिए करते हो तो कुछ पल के लिए तो तुम दूसरों की नजरों में अच्छे बन जाओगे लेकिन तुम कभी भी आत्म संतुष्टि प्राप्त नहीं कर पाओगे

 

 

 

  • 7
    अपनी
    आमदनी का जिक्र दूसरों के सामने मत करो

 

फिर बौद्ध भिक्षु उस युवक को सातवीं और अंतिम बात बताते हुए कहते हैं कि कभी भी अपनी आमदनी का जिक्र दूसरों के सामने मत करो क्योंकि यह एक ऐसी बात है जिसे हमें हमेशा हमारे परिवार तक ही सीमित रखनी चाहिए अपने मित्रों या फिर अपने सगे संबंधियों को कभी अपनी आमदनी मत बताओ हमें कभी भी किसी से भी ना तो उसकी आमदनी पूछनी चाहिए और ना ही अपनी आमदनी बतानी चाहिए क्योंकि जब हम लोगों को अपने आमदनी बताते हैं

 
 
 
तो लोग हमारी स्थिति का आसानी से पता लगा लेते हैं जो हमारे लिए बिल्कुल भी सही नहीं है क्योंकि अगर हमारी आमदनी कम होती है और हम लोगों को बता देते हैं तो लोग हमें गरीब समझकर हमसे दूर होने लगते हैं हमारा तिरिस्कार  करने लगते हैं हमें नीचा दिखाने लगते हैं हमें नीचा समझने लगते हैं हमारी इज्जत नहीं करते अगर हमारी आमदनी ज्यादा होती है और हम लोगों से उसके बारे में बता देते हैं तो लोग हमसे मतलब से रिश्ते रखना शुरु कर देते हैं उन्हें हमसे नहीं हमारे पैसों से मतलब होता है
 
 
 
लोग आपसे इसलिए रिश्ता नहीं जुड़ेंगे आप एक अच्छे इंसान हो बल्कि वह तो आपसे इसलिए रिश्ता जोड़ेंगे क्योंकि आपके पास धन है जो लोग आपको पसंद नहीं करते वह भी धन की वजह से तुम से रिश्ता रखेंगे और तुम्हारे साथ ऐसा बर्ताव करेंगे जैसे तुम उनके लिए बहुत खास हो इसीलिए कभी भी किसी को अपनी आमदनी मत बताओ बस इसे अपने और अपने परिवार तक ही सीमित रखें क्योंकि आपका परिवार ही आपकी तरक्की को देखकर खुश होता है
 
 
 
बाकी तो यह दुनिया आपकी तरक्की को देखकर जलने वालों में से है युवक बौद्ध भिक्षु की सारी बातें बड़ी अच्छी तरीके से समझ गया और उसी वक्त अपने मन ही मन में यह संकल्प ले लिया की आज के बाद कभी भी किसी को अपने रहस्य नहीं बताएगा इसके बाद उस युवक ने बौद्ध भिक्षु को प्रणाम किया और फिर वहां से चला गया

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